प्रशासन जनता के द्वार (देवरिया मॉडल)

प्रशासन जनता के द्वार (देवरिया मॉडल)

प्रशासन जनता के द्वार (देवरिया मॉडल) में यदि किसी कर्मचारी द्वारा प्राप्त शिकायत का निस्तारण निर्धारित अवधि के अन्दर गुणवत्तापरक ढंग से नहीं किया जाता है और उच्चाधिकारियों को इस संबंध में दोबारा शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित कर्मचारी का उत्तरदायित्व निर्धारित कर उसके विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन जनता के द्वार (देवरिया मॉडल) का आयोजन प्रात: 11 बजे से सायं चार बजे तक प्रत्येक मंगलवार को प्रत्येक विकास खंड में चिह्नित ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिव, राजस्व लेखपाल एवं बीट पुलिस अधिकारी की उपस्थिति में आयोजित कर ग्राम पंचायत स्तर पर ही समस्याओं का समाधान किए जाने का निर्णय लिया गया है।
इस क्रम में प्रथम प्रशासन जनता के द्वार (देवरिया मॉडल) 12 अक्तूबर को 160 ग्राम पंचायतों और द्वितीय ग्राम समाधान दिवस 20 अक्तूबर को 200 ग्राम पंचायतों में आयोजित किया जा चुका है। इसमें प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु ब्लाक स्तर पर खंड विकास अधिकारी एवं तहसील स्तर पर उप जिलाधिकारी द्वारा सतत पर्यवेक्षण किया जा रहा है। प्राप्त शिकायतों का अंकन रजिस्टर में किया जाता है और जनपद स्तर से इसकी नियमित समीक्षा जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) एवं मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से किया जा रहा है।
जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन की अभिनव पहल ‘प्रशासन जनता के द्वार (देवरिया मॉडल)’ के आयोजन में आशातीत सफलता मिल रही है। अब तक 12 व 20 अक्तूबर हुए आयोजन में आए 90 प्रतिशत से अधिक मामलों का निस्तारण किया गया है। इस आयोजन को और वृहद रूप देेने के साथ ही इसमें संबंधित विभागों को और सक्रियता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
देवरिया जिले में मंगलवार को पहली बार प्रशासन जनता के द्वार (देवरिया मॉडल) आयोजन किया गया। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों व कर्मचारियों के सामने समस्याओं का अंबार लग गया। 16 ब्लाकों के 157 ग्राम पंचायतों में आयोजित दिवस में पेंशन, राशन कार्ड, परिवार रजिस्टर के नकल समेत अन्य मामले छाए रहे। कुल 1635 मामलों में से 870 का मौके पर ही निस्तारण किया गया। विकास के सर्वाधिक 1020, राजस्व के 286, पुलिस के 25 व अन्य विभागों से जुड़े 304 मामले आए। सदर विकास खंड के घटैला गाजी में जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन व पुलिस अधीक्षक डा.श्रीपति मिश्र ने लोगों की समस्याएं सुनी। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन जनता के द्वार ग्राम समाधान दिवस की मूल भावना है। अब गांवों में ही समस्याओं का समाधान हो जाएगा। इससे धन व समय दोनों की बचत होगी।
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